
मार्क ज़ुकरबर्ग (जन्म: 14 मई 1984)
मेटा के अध्यक्ष और सीईओ
महान आदतें और दर्शन
मार्क ज़ुकरबर्ग ने बचपन से ही प्रोग्रामिंग में असाधारण प्रतिभा दिखाई। बारह वर्ष की उम्र में उन्होंने “ZuckNet” नामक एक सरल संदेश प्रणाली विकसित की, जिससे उनके परिवार के सदस्य वास्तविक समय में संवाद कर सकते थे। हाई स्कूल के दौरान, उन्होंने Intelligent Media Group नामक कंपनी में काम करते हुए “Synapse Media Player” नामक संगीत अनुशंसा कार्यक्रम विकसित किया। AOL और Microsoft से नौकरी के प्रस्ताव मिलने के बावजूद, उन्होंने उन्हें ठुकरा दिया और हार्वर्ड विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया। यही निर्णय आगे चलकर एक विश्व-परिवर्तनकारी विचार का आधार बना।
हार्वर्ड में पढ़ाई के दौरान उन्होंने अपने मित्रों के साथ Facemash बनाया और 2004 में Facebook की आधिकारिक शुरुआत की। शुरुआत में यह केवल हार्वर्ड छात्रों के लिए था, लेकिन जल्द ही यह अन्य आइवी लीग विश्वविद्यालयों और फिर पूरी दुनिया में फैल गया। ज़ुकरबर्ग दक्षता को जीवन दर्शन मानते हैं और रोज़ एक जैसे कपड़े पहनने के लिए प्रसिद्ध हैं, ताकि निर्णय लेने की थकान कम हो।
उनकी दिनचर्या सरल लेकिन अत्यंत केंद्रित है। वे अपना अधिकांश समय उत्पाद विकास, उपयोगकर्ता प्रतिक्रिया और तकनीकी रणनीति पर लगाते हैं। कार्य के बाहर वे परिवार को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने अपनी पत्नी प्रिसिला चान के साथ Chan Zuckerberg Initiative की स्थापना की, जिसके माध्यम से वे शिक्षा, विज्ञान और स्वास्थ्य के लिए योगदान करते हैं।
पसंदीदा भोजन और खाने की शैली
मार्क ज़ुकरबर्ग भोजन को विशेष महत्व नहीं देते। उनका प्रसिद्ध कथन था कि वे केवल वही जानवर खाएंगे जिन्हें उन्होंने स्वयं मारा हो। 2011 में उन्होंने ऐसा करने का संकल्प लिया, जिससे जीवन के प्रति उनकी जिम्मेदारी की भावना प्रकट होती है।
दैनिक जीवन में वे फास्ट फूड भी खाते हैं, और Facebook के शुरुआती दिनों में टीम के साथ पिज़्ज़ा और बर्गर खाते हुए देर रात तक काम करते थे। अब वे स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार अपनाते हैं, लेकिन फिर भी जल्दी और सरल भोजन पसंद करते हैं।
उनकी खाने की शैली समय प्रबंधन और निर्णयों को सरल बनाने की सोच से जुड़ी है। उनके लिए भोजन ऊर्जा का साधन है, जीवन का केंद्र नहीं।
प्रेम और मानवीय संबंधों का दर्शन
मार्क ज़ुकरबर्ग की प्रेम कहानी शांत और स्थिर विकास की कहानी है। उन्होंने हार्वर्ड में चिकित्सा की पढ़ाई कर रही प्रिसिला चान से मुलाकात की और दोनों ने वहीं से अपना रिश्ता शुरू किया। 2012 में Facebook के आईपीओ के बाद उन्होंने अपने घर पर सादा विवाह किया।
वे संबंधों में विश्वास और सम्मान को महत्व देते हैं और बच्चों की परवरिश में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनका मानना है कि वे अपने बच्चों को धन नहीं, बल्कि एक बेहतर दुनिया देना चाहते हैं।
कंपनी के भीतर भी वे खुले संवाद और समतल संगठनात्मक संस्कृति को बढ़ावा देते हैं। उनका दर्शन “कनेक्शन” पर आधारित है और वे मानते हैं कि तकनीक लोगों को अलग नहीं, बल्कि करीब लानी चाहिए।
हम क्या सीख सकते हैं
मार्क ज़ुकरबर्ग का जीवन दर्शाता है कि सादगी के भीतर गहन एकाग्रता संभव है। दक्षता, विश्वास और निरंतर कर्म उनके सफल जीवन के मूल तत्व हैं।
उनका कथन है कि “बड़े काम करने के लिए छोटे निर्णयों को कम करना चाहिए।” यह आधुनिक जीवन के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। जब हम जीवन को सरल बनाते हैं और मूल बातों पर ध्यान देते हैं, तब हम अधिक रचनात्मक और सार्थक कार्य कर सकते हैं।